
दुनिया को अब जरूरत है नए धर्म की
विवेक दत्त मथुरिया
मंगलवार को जो कुछ पाकिस्तान में हुआ उस
दास्तान को कहने में शब्द भी चूक रहे हैं। जिहाद के नाम पर इसे खौफ और आतंक
का कारोबार कहिए साहब। सवाल इस बात का है कि इंसानियत को शर्मसार करने
वाला यह कृत्य महजब के नाम से किया जा रहा है। शर्म तो धर्म के मसीहाओं को
आनी चाहिए।
अब वक्त आ गया...