बुधवार, 17 दिसंबर 2014

दुनिया को अब जरूरत है नए धर्म की  विवेक दत्त मथुरिया मंगलवार को जो कुछ पाकिस्तान में हुआ उस दास्तान को कहने में शब्द भी चूक रहे हैं। जिहाद के नाम पर इसे खौफ और आतंक का कारोबार कहिए साहब। सवाल इस बात का है कि इंसानियत को शर्मसार करने वाला यह कृत्य महजब के नाम से किया जा रहा है। शर्म तो धर्म के मसीहाओं को आनी चाहिए। अब वक्त आ गया...

गुरुवार, 11 दिसंबर 2014

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रविवार, 30 नवंबर 2014

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बुधवार, 19 नवंबर 2014

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सोमवार, 18 अगस्त 2014

इस महाभारत को कृष्ण का इंतजा...

रविवार, 20 जुलाई 2014

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मंगलवार, 1 जुलाई 2014

कहां गया वो आदमी ...
विकास का मुगालता ...

बुधवार, 18 जून 2014

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रविवार, 18 मई 2014

टूटा गठबंधन सरकार का सिलसि...

रविवार, 23 फ़रवरी 2014

        विकास यात्रा ---------------- आओ जरा देखें मानव की विकास यात्रा का सफर कहां से शुरू हुआ कहां तक पहुंचा कहते हैं, आदि मानव से शुरू हुआ आ पहुंचा है श्रेष्ठ मानव तक एक विश्लेषण तो करें तब में और अब में पहले हमारे पास भाषा नहीं थी अब भाषा होने पर भी गंूगे हैं पहले हमारे पास कपड़े नहीं थे अब कपड़े होने पर भी नंगे हैं तब कोई कल्चर नहीं थी अब कल्चर होने पर भी अनकल्चरड है तब सेंस नहीं था अब सेंस होने पर भी नानसेंस हैं पहले खूंखर...

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