मंगलवार, 29 सितंबर 2015

भगत सिंह को माना, पर जाना नहीं विवेक दत्त मथुरिया आज तरक्की की हवाई बातों के बीच देश आज भी  सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक विषमता को बोझ तले दबा है। उत्पीड़न, अन्याय और शोषण के जमीनी सच को हमारे सियासदां स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। आज देश में जिस तरह की आर्थिक नीतियों से सामाजिक और राजनीतिक संस्कृति को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है, वह पूरी तरह साम्राज्यवाद का ही बदला...

रविवार, 20 सितंबर 2015

श्रीराधा सर्वेश्वरी अलबेली सरकार विवेक दत्त मथुरिया प्रेम जीवन का सबसे रहस्यमय गोपनीयतत्व होता है। प्रेम की गोपीनीयता का आधार दो लोगों की आत्मीयता का चरम लक्ष्य है। क्योंकि उसकी रसात्मक भाव स्थिति वर्णनातीत ही रहती है। श्रीराधा को श्रीकृष्ण की आराध्या,प्राणबल्लभा, प्राणल्हादिनी, प्राण मंजूषा और न जाने अन्ययता के अनेकानेक विश्लेषणों से विभूषित किया गया है। राधा-कृष्ण की इस अन्ययता का सीधा और सरल भाव यह है कि एक ही तत्व के दो भाग यानी दोनों...

शुक्रवार, 18 सितंबर 2015

नेता, बाबा और बुद्धिजीवी  ...

शुक्रवार, 11 सितंबर 2015

तू प्यार का सागर है... ...
अथ जुमला कथा ...

शुक्रवार, 4 सितंबर 2015

प्याज न हुई सेलिब्रिटी हो गई  ... ...
प्याज या सेलिब्रिटी  ...
प्याज न हुई सेलिब्रिटी हो गई  ...

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